काँटों की चुभन देती है फूलों का मजा भी,

काँटों की चुभन देती है फूलों का मजा भी,
मई दर्द के लम्हात में रोया भी हंसा भी !
आने की याद न जाने की खबर है,
वो दिल में रहा और उसे तोड़ गया भी!
हर एक मंजिल का पता पूछ रहा है,
गुमराह मेरे साथ हुआ भी राहनुमा भी!!!
 

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