तुम्ही हो :

तुम्ही हो :
मेरी पहली चाहत
मेरी पहली मुहब्बत तुम्ही हो !
मेरे गीतों की लाज 
मेरे गजल की जीनत तुम्ही हो !
तुम हमारी शानो शौकत
मेरे लिए मसर्रत तुम्ही हो !
मेरे लिए बेकली तुम
मेरे दिल की रहत तुम्ही हो !
मेरे लिए बज़्म तुम
मेरे लिए खल्वत तुम्ही हो !
मेरे लिए ख्वाब तुम
मेरे लिए हकीकत तुम्ही हो !
तुमसे रौशन  मेरा जहाँ
मेरे लिए माहताब तुम्ही हो !
मेरी ज़िन्दगी भी तुम 
मेरे लिए वफात तुम्ही हो!!
 
    

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